उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA - Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2007 में स्थापित एक सरकारी नोडल एजेंसी है। इस संस्था का मुख्य काम पूरे राज्य में विश्वस्तरीय (World-Class) एक्सप्रेसवे (Expressways) का निर्माण करना, उनका रखरखाव (Maintenance) करना और एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) का विकास करना है। आज UPEIDA के बेहतरीन काम की वजह से ही उत्तर प्रदेश को 'Expressway State of India (भारत का एक्सप्रेसवे राज्य)' कहा जाने लगा है।
UPEIDA द्वारा बनाए गए एक्सप्रेसवे ने राज्य के पूर्वी हिस्सों (पूर्वांचल) और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों को सीधे देश की राजधानी (Delhi) और राज्य की राजधानी (Lucknow) से जोड़ दिया है। इससे न केवल यात्रा के समय में भारी कमी (Travel Time Reduction) आई है, बल्कि इन इलाकों में रोज़गार (Employment), पर्यटन (Tourism) और कृषि उत्पादों (Agriculture Transport) के परिवहन में भी ऐतिहासिक प्रगति हुई है।
UPEIDA की आधिकारिक वेबसाइट (upeida.up.gov.in) पर जाकर आप सभी एक्सप्रेसवे का रूट मैप (Route Map), टोल की दरें (Toll Rates), और ज़मीन अधिग्रहण (Land Acquisition) से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इन एक्सप्रेसवे पर ATMS (Advanced Traffic Management System) लगाया गया है, जिसमें चप्पे-चप्पे पर कैमरे लगे हैं, ताकि दुर्घटना (Accidents) या ओवरस्पीडिंग (Overspeeding) पर तुरंत कार्रवाई की जा सके और यात्रियों को हाईवे पेट्रोल और एम्बुलेंस (Ambulance) की सुविधा 24 घंटे मिल सके।
एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह स्मार्ट कैमरे (PTZ Cameras), स्पीड रडार (Speed Radars) और वेरिएबल मैसेज साइन (VMS) बोर्ड लगे हैं। यदि कोई वाहन तय सीमा (100 km/hr) से तेज़ चलता है, तो कैमरा नंबर प्लेट स्कैन करके अपने आप (Automatically) ई-चालान (e-Challan) काट देता है।
सुरक्षित यात्रा के लिए एक्सप्रेसवे पर हर कुछ किलोमीटर की दूरी पर हाईवे पेट्रोलिंग वाहन (UP-112), क्रेन, और एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस तैनात रहती हैं। किसी भी दुर्घटना के समय टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कॉल करते ही 10 से 15 मिनट में मदद पहुँच जाती है।
एक्सप्रेसवे के किनारे डिफेन्स कॉरिडोर (Defense Corridor) और औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इससे बड़े कारखाने लगेंगे, लॉजिस्टिक (Logistic) हब बनेंगे, और लाखों युवाओं को उनके घर के पास ही रोज़गार (Jobs) मिलेगा।
UPEIDA के सभी एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन 100% कैशलेस (Cashless) और डिजिटल है। फास्टैग (FASTag) के ज़रिए वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से निकल जाते हैं, जिससे समय बचता है और जाम की समस्या ख़त्म हो जाती है।
| एक्सप्रेसवे का नाम | कुल लम्बाई | जुड़ने वाले मुख्य शहर (Route) |
|---|---|---|
| आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway) | 302 कि.मी. | आगरा (इनर रिंग रोड) से लेकर लखनऊ तक। यह देश के सबसे बेहतरीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में से एक है। इस पर वायुसेना (Air Force) के लड़ाकू विमान उतारने के लिए एयरस्ट्रिप (Airstrip) भी बनी है। |
| पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) | 341 कि.मी. | लखनऊ (चांदसराय) से शुरू होकर ग़ाज़ीपुर (हैदरिया) तक। यह लखनऊ, अमेठी, आज़मगढ़ और मऊ जैसे 9 जिलों को जोड़ता है। इसमें भी 3.2 कि.मी. की एयरस्ट्रिप है। |
| बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) | 296 कि.मी. | चित्रकूट से शुरू होकर इटावा (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) पर मिलता है। यह चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा को सीधे दिल्ली से जोड़ता है। |
| गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Link) | 91 कि.मी. (निर्माणाधीन) | यह गोरखपुर ज़िले (जैतपुर) को आज़मगढ़ (सलारपुर) में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ता है, जिससे गोरखपुर से लखनऊ-दिल्ली का सफर बहुत आसान हो जाएगा। |
| गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) | 594 कि.मी. (निर्माणाधीन) | यह यूपी का सबसे लम्बा एक्सप्रेसवे होगा, जो मेरठ (Meerut) से प्रयागराज (Prayagraj) तक बनेगा। यह 12 ज़िलों से गुज़रेगा और महाकुंभ से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य है। |
नागरिक UPEIDA की आधिकारिक वेबसाइट (upeida.up.gov.in) का उपयोग करके कई प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। अगर आपको टोल प्लाजा, रास्ते में सुविधा, या भूमि अधिग्रहण से जुड़ी कोई शिकायत है तो आप ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं:
वेबसाइट पर "Toll Rates" या "Journey Fare Calculator" का विकल्प होता है। आप यात्रा शुरू करने से पहले चेक कर सकते हैं कि लखनऊ से आगरा या ग़ाज़ीपुर जाने में आपकी कार या बस का कितना टोल टैक्स कटेगा।
यदि आपको एक्सप्रेसवे पर कोई गड्ढा दिखता है, या किसी रेस्ट एरिया/पेट्रोल पंप पर कोई परेशानी होती है, तो आप वेबसाइट के "Grievance / Feedback" सेक्शन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं, जिसका तुरंत समाधान किया जाता है।
यदि गंगा एक्सप्रेसवे या किसी अन्य निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के लिए आपकी ज़मीन (Land/Khet) अधिग्रहित की गई है, तो आप अपने मुआवज़े (Compensation) का स्टेटस UPEIDA के क्षेत्रीय ऑफिस या वेबसाइट के माध्यम से ट्रैक कर सकते हैं।
जो व्यापारी एक्सप्रेसवे के किनारे डिफेन्स कॉरिडोर या इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री (Factory) लगाना चाहते हैं, वे "Nivesh Mitra (निवेश मित्र)" पोर्टल और UPEIDA पोर्टल से ऑनलाइन टेंडर भर सकते हैं और प्लॉट बुक कर सकते हैं।
एक्सप्रेसवे पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी (Ambulance), या गाड़ी खराब होने (Crane) पर तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें:
📞 आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हेल्पलाइन: 1033 (National) या UP-112
📞 पूर्वांचल एक्सप्रेसवे टोल-फ्री: 1800-180-2622
📞 बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे टोल-फ्री: 1800-180-0081
📍 UPEIDA मुख्यालय (Head Office): C-13, 2nd Floor, Paryavas Bhavan, Vipin Khand, Gomti Nagar, Lucknow (UP)
अस्वीकरण (Disclaimer): JanSarkari.com एक स्वतंत्र और निजी सूचना पोर्टल है। हम UPEIDA (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) या उत्तर प्रदेश सरकार से संबद्ध नहीं हैं। इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी जैसे एक्सप्रेसवे का रूट, नियम, स्पीड लिमिट और टोल रेट्स जन-सुविधा और जागरूकता के लिए संकलित किए गए हैं। सरकार द्वारा टोल दरों या नियमों में समय-समय पर बदलाव किया जा सकता है। कृपया किसी भी आधिकारिक जानकारी या भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के लिए UPEIDA की वेबसाइट (upeida.up.gov.in) को ही प्रमाणित मानें।
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