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Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) UP आवास विकास (UPAVP): सम्पूर्ण जानकारी और ऑनलाइन आवेदन

हर इंसान का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर और सुरक्षित घर हो, लेकिन आज के समय में प्राइवेट बिल्डर्स (Private Builders) पर भरोसा करना बहुत मुश्किल हो गया है। कभी फ्लैट समय पर नहीं मिलता, तो कभी ज़मीन के कागज़ों (Registry) में धोखाधड़ी हो जाती है। आम जनता को इस धोखे से बचाने और उन्हें किफायती दामों पर घर उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने UP Awas Vikas Parishad (UPAVP) की स्थापना की है।

यूपी आवास विकास (UPAVP) राज्य का सबसे बड़ा और भरोसेमंद सरकारी बिल्डर है। यह गरीब (EWS) से लेकर उच्च आय वर्ग (HIG) तक—सभी के लिए प्लॉट, फ्लैट और स्वतंत्र मकान (Independent Houses) बनाता है।

यदि आप लखनऊ, गाज़ियाबाद, मेरठ या उत्तर प्रदेश के किसी भी बड़े शहर में सरकारी ज़मीन या फ्लैट खरीदना चाहते हैं, तो आपको UPAVP (उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद) की योजनाओं (Housing Schemes) के बारे में ज़रूर पता होना चाहिए। इस विस्तृत लेख में हम आपको बताएंगे कि यूपी आवास विकास क्या है, इसकी कौन-कौन सी बड़ी योजनाएं चल रही हैं, और आप घर बैठे एक नए मकान या प्लॉट के लिए ऑनलाइन आवेदन (Online Registration) कैसे कर सकते हैं।


1. UP Awas Vikas Parishad (UPAVP) क्या है?

UPAVP का फुल फॉर्म है: Uttar Pradesh Awas Evam Vikas Parishad (उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद)।

इसकी स्थापना 1966 में एक विशेष अधिनियम (Act) के तहत की गई थी। इसका मुख्यालय (Headquarters) लखनऊ (Lucknow) में स्थित है। यह संस्था राज्य सरकार के सीधे नियंत्रण में काम करती है और इसका मुख्य उद्देश्य पूरे उत्तर प्रदेश में सुनियोजित (Planned) और आधुनिक आवासीय कॉलोनियां (Residential Colonies) विकसित करना है।

UPAVP क्या काम करता है?

  • किसानों से खाली ज़मीन का अधिग्रहण (Acquisition) करना।
  • उस ज़मीन पर चौड़ी सड़कें, सीवर, पार्क और बिजली की सुविधाएँ विकसित करना।
  • अलग-अलग आय वर्ग (Income Groups) के लिए फ्लैट और मकान बनाना।
  • लॉटरी (Lottery) या ई-ऑक्शन (E-Auction) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से घरों का आवंटन (Allotment) करना।

2. UPAVP किन श्रेणियों (Categories) में मकान बनाता है?

आवास विकास परिषद यह सुनिश्चित करता है कि समाज के हर वर्ग को उनके बजट के अनुसार घर मिल सके। इसलिए यह संपत्तियों (Properties) को चार मुख्य श्रेणियों में बांटता है:

श्रेणी (Category)फुल फॉर्मकिसके लिए?
EWSEconomically Weaker Sectionआर्थिक रूप से बहुत कमज़ोर वर्गों के लिए (सबसे सस्ते और छोटे 1BHK फ्लैट)।
LIGLow Income Groupनिम्न आय वर्ग के लिए (मध्यम बजट वाले 1BHK या 2BHK फ्लैट)।
MIGMiddle Income Groupमध्यम आय वर्ग के लिए (सुविधाजनक 2BHK या 3BHK फ्लैट)।
HIGHigh Income Groupउच्च आय वर्ग के लिए (प्रीमियम और बड़े 3BHK/4BHK फ्लैट या स्वतंत्र कोठियां)।

इसके अलावा, UPAVP कमर्शियल ज़मीनें (Commercial Plots), दुकानें (Shops) और स्कूल/अस्पताल के लिए भी ज़मीन नीलाम करता है।


3. यूपी आवास विकास (UPAVP) की प्रमुख और लोकप्रिय योजनाएं

आवास विकास पूरे राज्य में काम करता है, लेकिन इसकी कुछ टाउनशिप (Townships) बहुत ही ज़्यादा लोकप्रिय हैं जहाँ लोग घर लेने का सपना देखते हैं:

  1. अवध विहार योजना, लखनऊ (Awadh Vihar Yojna, Lucknow): यह शहीद पथ (Shaheed Path) पर स्थित लखनऊ की सबसे आधुनिक और बड़ी टाउनशिप है। यहाँ EWS से लेकर लग्ज़री पेंटहाउस (Penthouse) तक उपलब्ध हैं। मेदांता अस्पताल और लुलु मॉल इसके बिल्कुल पास हैं।
  2. वृन्दावन योजना, लखनऊ (Vrindavan Yojna, Lucknow): यह भी लखनऊ की एक बहुत ही पॉश (Posh) और हरियाली से भरपूर योजना है, जहाँ हज़ारों परिवार पहले से रह रहे हैं।
  3. मंडोला विहार योजना, गाज़ियाबाद (Mandola Vihar Yojna, Ghaziabad): दिल्ली (Delhi/NCR) के पास घर लेने वालों के लिए यह सबसे बेहतरीन योजना है। यहाँ दिल्ली मेट्रो और नई एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी का सीधा फायदा मिलता है।
  4. जागृति विहार विस्तार, मेरठ (Jagriti Vihar Ext, Meerut): मेरठ शहर में एक सुनियोजित और सुरक्षित आवासीय योजना।
  5. सिद्धार्थ विहार, गाज़ियाबाद (Siddharth Vihar): यह भी NCR क्षेत्र में UPAVP का एक बहुत ही शानदार और तेजी से विकसित होता हुआ प्रोजेक्ट है।

4. UPAVP ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Flat Booking) कैसे करें?

अब आवास विकास के फ्लैट या मकान बुक करने के लिए आपको बैंकों की लाइनों में नहीं लगना पड़ता। आप पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं:

Step 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ

सबसे पहले अपने कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउज़र में UPAVP की नई वेबसाइट upavp.in (या पुरानी upavp.up.nic.in) को खोलें।

Step 2: "Online Services" या "Property Registration" चुनें

होमपेज पर आपको 'Property Registration' या 'Apply Online' का एक बटन दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें। (वर्तमान में चल रही लाइव योजनाओं (Live Schemes) का विज्ञापन होमपेज पर फ्लैश होता रहता है)।

Step 3: योजना (Scheme) और शहर चुनें

  • उस योजना पर क्लिक करें जिसमें आप घर लेना चाहते हैं (जैसे- Awadh Vihar Yojna)।
  • योजना चुनने के बाद आपको एक ब्रोशर (Brochure) डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा। ब्रोशर में फ्लैट का नक्शा (Layout), कीमत और नियम लिखे होते हैं।

Step 4: अकाउंट बनाएँ (Sign Up)

  • 'New Registration' पर क्लिक करें।
  • अपना नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी (Email ID), और आधार कार्ड (Aadhaar Card) नंबर डालें।
  • OTP डालकर अपना अकाउंट (UPAVP Login) क्रिएट करें।

Step 5: एप्लीकेशन फॉर्म भरें (Fill Application Form)

  • पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • अपनी मनपसंद प्रॉपर्टी की श्रेणी (EWS/LIG/MIG/HIG) चुनें।
  • अपना पूरा पता, बैंक खाते का विवरण (यदि लॉटरी में नाम नहीं आता है तो पैसे इसी खाते में वापस (Refund) आएंगे), और नॉमिनी (Nominee) की जानकारी भरें।

Step 6: रजिस्ट्रेशन फीस जमा करें (Pay Registration Fee)

  • आपको फ्लैट/प्लॉट की कुल कीमत का 5% या 10% पैसा 'रजिस्ट्रेशन मनी (Registration Money)' के रूप में ऑनलाइन जमा करना होगा।
  • आप नेट बैंकिंग (Net Banking), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या NEFT के माध्यम से यह पैसा जमा कर सकते हैं।

Step 7: रसीद डाउनलोड करें (Print Acknowledgment)

पेमेंट सफल होने के बाद, आपका एप्लीकेशन नंबर जनरेट हो जाएगा। एप्लीकेशन फॉर्म और पेमेंट की रसीद (Receipt) को प्रिंट करके अपने पास सुरक्षित रख लें।

(नोट: तय तारीख को UPAVP द्वारा ऑनलाइन लॉटरी (Draw of Lots) निकाली जाती है। जिन लोगों का नाम लॉटरी में आता है, उन्हें अलॉटमेंट लेटर (Allotment Letter) भेज दिया जाता है। जिनका नाम नहीं आता, उनका पैसा 1 महीने के भीतर बिना किसी कटौती के वापस कर दिया जाता है।)


5. कमर्शियल प्रॉपर्टी और प्लॉट्स के लिए ई-ऑक्शन (E-Auction)

आवास विकास परिषद अब खाली प्लॉट्स (Residential Plots) और दुकानों (Shops/Commercial Land) का आवंटन लॉटरी से नहीं, बल्कि ई-नीलामी (E-Auction) के ज़रिए करता है।

  • ई-ऑक्शन क्या है? इसमें प्रॉपर्टी का एक रिज़र्व प्राइस (Reserve Price / बेस रेट) तय कर दिया जाता है। जो व्यक्ति ऑनलाइन नीलामी के दिन सबसे ज़्यादा बोली (Highest Bid) लगाता है, प्रॉपर्टी उसे दे दी जाती है।
  • ऑक्शन में कैसे भाग लें? ई-ऑक्शन की प्रक्रिया UPAVP की ई-नीलामी वेबसाइट (आमतौर पर e-procurement पोर्टल) पर होती है। इसके लिए आपको पहले EMD (Earnest Money Deposit) जमा करके खुद को रजिस्टर करना होता है। ई-ऑक्शन में हिस्सा लेने के लिए डिजिटल सिग्नेचर (DSC) होना भी ज़रूरी है।

6. UPAVP में पेमेंट प्लान (Payment & Installments)

UPAVP की सबसे अच्छी बात यह है कि यह आम आदमी की जेब को ध्यान में रखकर पेमेंट प्लान बनाता है:

  1. स्ववित्तपोषित योजना (Self Financing Scheme): इसमें अलॉटमेंट के बाद आपको फ्लैट की पूरी कीमत 2 या 3 साल के भीतर किश्तों (Installments) में देनी होती है। जब आप पैसा पूरा कर देते हैं, तब आपको फ्लैट का कब्ज़ा (Possession) मिलता है।
  2. किराया खरीद योजना (Hire Purchase Scheme): इसमें आपको शुरुआत में सिर्फ 25% या 30% पैसा देना होता है और फ्लैट का कब्ज़ा आपको मिल जाता है। बाकी का पैसा आप 10, 12 या 15 सालों की आसान किश्तों (EMIs) में चुका सकते हैं (जिस पर विभाग ब्याज लेता है)।

बैंक लोन की सुविधा (Bank Loan): चूँकि यह 100% सरकारी संस्था है, इसलिए UPAVP की किसी भी प्रॉपर्टी पर SBI, HDFC, PNB जैसे किसी भी बैंक से बड़ी आसानी से होम लोन (Home Loan) मिल जाता है।


7. प्राइवेट बिल्डर्स (Private Builders) की तुलना में UPAVP क्यों बेहतर है?

अगर आप कन्फ्यूज़ हैं कि प्राइवेट बिल्डर का घर लें या आवास विकास का, तो ये कारण आपको फैसला लेने में मदद करेंगे:

  • गारंटीड सुरक्षा: प्राइवेट बिल्डर भाग सकता है, दिवालिया (Bankrupt) हो सकता है, लेकिन आवास विकास एक सरकारी संस्था है; आपका पैसा 100% सुरक्षित रहता है।
  • स्पष्ट टाइटल (Clear Title): UPAVP ज़मीन का पक्का अधिग्रहण करता है। यहाँ ज़मीन के झगड़े (Land Disputes) या अवैध कब्ज़े का कोई खतरा नहीं होता।
  • खुली जगह (Open Space): प्राइवेट बिल्डर एक छोटी सी ज़मीन पर ज़्यादा से ज़्यादा फ्लैट बना देते हैं, लेकिन UPAVP के नियमों के अनुसार उनकी कॉलोनियों में बड़े पार्क, चौड़ी सड़कें (18 मीटर, 24 मीटर), और ग्रीन बेल्ट (Green Belt) अनिवार्य रूप से छोड़ी जाती है।
  • भविष्य का विकास: आवास विकास की कॉलोनियों में भविष्य में ज़मीन (Property) की कीमत (Appreciation) बहुत तेज़ी से बढ़ती है।

8. शिकायत निवारण (Jansunwai & Grievances)

यदि आपको अपने फ्लैट में कोई सीलन (Seepage), क्वालिटी खराब होने, या अलॉटमेंट लेटर मिलने में देरी की शिकायत है, तो आप UPAVP के 'जनसुनवाई पोर्टल' या 'UPAVP Citizen Services' ऐप के माध्यम से सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, परिषद मुख्यालय में हर हफ्ते जनसुनवाई का भी आयोजन किया जाता है, जहाँ सीधे आवास आयुक्त (Housing Commissioner) समस्याओं को सुनते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या UPAVP में फ्लैट बुक करने के लिए उत्तर प्रदेश का निवासी (Domicile) होना ज़रूरी है? Ans: नहीं। भारत का कोई भी नागरिक (Indian Citizen) जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, वह UPAVP की किसी भी योजना में घर या प्लॉट खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।

Q2. मुझे कैसे पता चलेगा कि नई हाउसिंग स्कीम (New Housing Scheme) कब आ रही है? Ans: UPAVP कोई भी नई योजना लाने से पहले दैनिक समाचार पत्रों (Newspapers) में विज्ञापन (Advertisement) जारी करता है। इसके अलावा आप उनकी आधिकारिक वेबसाइट (upavp.in) के 'Live Schemes' सेक्शन में जाकर नियमित रूप से चेक कर सकते हैं।

Q3. फ्लैट की कीमत में फ्रीहोल्ड (Freehold) और लीज़होल्ड (Leasehold) का क्या मतलब है? Ans: UPAVP की संपत्तियां पहले 90 साल की लीज़ (Leasehold) पर दी जाती थीं, लेकिन अब सरकार एक निश्चित 'फ्रीहोल्ड चार्ज (Freehold Charge)' लेकर ज़मीन का मालिकाना हक़ हमेशा के लिए क्रेता के नाम कर देती है।

Q4. अगर मैं रजिस्ट्रेशन के बाद फ्लैट नहीं लेना चाहता हूँ, तो क्या मेरा पैसा कट जाएगा? Ans: लॉटरी (Draw) निकलने से पहले यदि आप अपनी एप्लीकेशन वापस ले लेते हैं (Withdraw/Surrender), तो आपका पूरा पैसा वापस मिल जाता है। लेकिन लॉटरी में नाम आ जाने (Allotment) के बाद यदि आप फ्लैट सरेंडर करते हैं, तो नियमों के अनुसार आपकी रजिस्ट्रेशन राशि (Registration Money) में से कुछ प्रतिशत (20% या 50%) पैसा काट लिया जाता है।

Q5. UPAVP और LDA/GDA (विकास प्राधिकरण) में क्या अंतर है? Ans: LDA (लखनऊ विकास प्राधिकरण) या GDA (गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण) केवल अपने संबंधित शहर की सीमा के भीतर काम करते हैं। जबकि UPAVP (आवास विकास परिषद) पूरे उत्तर प्रदेश राज्य (सभी जिलों) में कॉलोनियां बनाने का अधिकार रखता है।


[!WARNING] Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख केवल सूचना, विधिक जागरूकता और नागरिकों को डिजिटल रूप से साक्षर करने के उद्देश्य से लिखा गया है। JanSarkari.com किसी भी प्रकार से उत्तर प्रदेश सरकार, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, या UP Awas Vikas Parishad (UPAVP) से संबद्ध (Affiliated) नहीं है। हमने यह जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (upavp.in) और उनकी सामान्य ब्रोशर (Brochure) नियमावली से प्राप्त की है। फ्लैट/प्लॉट की कीमत, रजिस्ट्रेशन के नियम और रिफंड की नीतियां (Refund Policies) सरकार द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती हैं। किसी भी प्रॉपर्टी में लाखों रुपये का निवेश (Investment) करने या ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले कृपया UPAVP की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वर्तमान योजना (Live Scheme) का पूरा ब्रोशर ध्यानपूर्वक पढ़ें या उनके टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें। किसी भी वित्तीय या तकनीकी नुकसान के लिए यह वेबसाइट उत्तरदायी नहीं होगी।

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