HSRP (High Security Registration Plate) भारत सरकार (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा अनिवार्य की गई एक विशेष एल्युमीनियम (Aluminium) की बनी हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट है। साधारण नंबर प्लेट को आसानी से बदला या मिटाया जा सकता था, जिसका फायदा उठाकर वाहन चोर (Vehicle Thieves) चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल अपराधों में करते थे। इसी को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार भारत के सभी पुराने और नए वाहनों (दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया) पर HSRP लगाना अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है।
HSRP क्यों है इतनी सुरक्षित? इस नंबर प्लेट में क्रोमियम आधारित अशोक चक्र का होलोग्राम (Hologram) होता है। इसके अलावा, प्लेट पर 'IND' (इंडिया) लिखा होता है और एक 9 अंकों का लेजर-ब्रांडेड (Laser-branded) परमानेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (PIN) खुदा होता है। यह प्लेट आपके वाहन के चेचिस और इंजन नंबर से इलेक्ट्रॉनिक रूप से लिंक्ड होती है। सबसे ख़ास बात यह है कि इसे एक ख़ास 'स्नैप-लॉक' (Snap Lock) के ज़रिए कसा जाता है, जिसे अगर कोई खोलने या तोड़ने की कोशिश करे, तो नंबर प्लेट ही टूट जाएगी लेकिन दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकेगी।
उत्तर प्रदेश (UP) में 1 अप्रैल 2019 से पहले ख़रीदे गए सभी वाहनों (कार, बाइक, स्कूटर, ट्रक, ऑटो आदि) पर HSRP लगवाना अनिवार्य है। यदि आपके वाहन पर यह प्लेट नहीं पाई जाती है, तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा ₹5,000/- तक का भारी ई-चालान (e-Challan) काटा जा सकता है। आप इसके लिए घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल (bookmyhsrp.com या siam.in) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और होम डिलीवरी (Home Delivery) या डीलर के पास जाकर इसे लगवा सकते हैं।
HSRP का लेज़र कोड (Laser PIN) वाहन मालिक के डाटाबेस और VAHAN पोर्टल से जुड़ा होता है। यदि गाड़ी चोरी होती है, तो पुलिस इस लेज़र कोड को स्कैन करके असली मालिक का तुरंत पता लगा सकती है, और चोर इस प्लेट को बदलकर दूसरी प्लेट नहीं लगा सकता।
फोर-व्हीलर (कार) के लिए प्लेट के साथ विंडशील्ड पर एक स्टीकर लगाना अनिवार्य है। पेट्रोल और CNG गाड़ियों के लिए हल्का नीला (Light Blue), डीजल गाड़ियों के लिए नारंगी (Orange), और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए हरा (Green) स्टीकर होता है।
अब उत्तर प्रदेश के कई शहरों (लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद आदि) में HSRP की होम डिलीवरी सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके तहत कुछ अतिरिक्त डिलीवरी चार्ज देकर आप टेक्नीशियन को घर बुलाकर ही नंबर प्लेट लगवा सकते हैं।
परिवहन विभाग के नियम अनुसार, अगर आपने HSRP अप्लाई कर दिया है, तो ऑनलाइन बुकिंग की रसीद (Receipt) दिखाकर आप चालान से बच सकते हैं। बिना बुकिंग और बिना HSRP के ₹5,000/- तक का जुर्माना तय है।
| वाहन का प्रकार (Vehicle Type) | अनुमानित फीस (Estimated Fee) |
|---|---|
| दोपहिया वाहन (Two Wheeler - Bike/Scooty) | ₹300/- से ₹400/- के बीच |
| चार पहिया वाहन (Four Wheeler - Car) | ₹600/- से ₹1,100/- के बीच (स्टीकर सहित) |
| भारी कमर्शियल वाहन (Heavy Vehicle / Bus / Truck) | ₹1,000/- से ₹1,500/- के बीच |
| सिर्फ कलर कोडेड स्टीकर (Only Sticker) | ₹100/- से ₹150/- (यदि HSRP पहले से लगी है, और केवल स्टीकर चाहिए) |
| फॉर्म भरने के लिए जरूरी दस्तावेज़ |
|
उत्तर प्रदेश में HSRP बुक करना बहुत ही आसान है। आपको RTO या किसी एजेंट के पास जाने की ज़रूरत नहीं है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके खुद अपने मोबाइल या लैपटॉप से बुकिंग कर सकते हैं:
सबसे पहले आपको आधिकारिक पोर्टल bookmyhsrp.com पर जाना होगा। (कुछ विशेष वाहन कंपनियों के लिए आपको siam.in पर भी रीडायरेक्ट किया जा सकता है, जो की पूर्णतः सुरक्षित है)।
होमपेज पर आपको दो विकल्प दिखेंगे। अगर आपकी गाड़ी पर प्लेट नहीं है, तो "High Security Registration Plate with Colour Sticker" पर क्लिक करें। (यदि प्लेट है और सिर्फ स्टीकर चाहिए, तो 'Only Colour Sticker' चुनें)।
नया पेज खुलने पर अपना राज्य (Uttar Pradesh) चुनें। फिर अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर (Chassis No.) और इंजन नंबर (Engine No.) दर्ज करें और 'Click Here' पर क्लिक करें। ये सारी जानकारी आपको अपनी गाड़ी की RC (Registration Card) में मिल जाएगी।
गाड़ी के प्रकार (स्कूटर/कार) का चयन करें। फिर गाड़ी मालिक का नाम, बिलिंग का पता, ईमेल आईडी, और मोबाइल नंबर दर्ज करें। मोबाइल पर आए OTP को डालकर वेरीफाई (Verify) करें।
अब आपको चुनना है कि आप नंबर प्लेट घर पर लगवाना चाहते हैं (Home Delivery - एक्स्ट्रा चार्ज) या डीलर के पास जाकर (Dealer Appointment)। अपनी सुविधानुसार अपने नज़दीकी डीलर को चुनें, और कैलेंडर में खाली तारीख (Date) और समय (Time Slot) बुक कर लें।
अंतिम चरण में अपनी फीस का भुगतान (Online Payment) करें। पेमेंट सफल होते ही एक बुकिंग रसीद (PDF Receipt / Appointment Slip) जनरेट हो जाएगी। इसे डाउनलोड कर लें। इसमें एक QR कोड भी होगा। इस रसीद को अपनी गाड़ी में रखें, यह ट्रैफिक चालान से बचाएगी। निर्धारित तारीख पर डीलर के पास जाकर अपनी प्लेट लगवा लें।
यदि दुर्घटना (Accident) के कारण आपकी HSRP प्लेट टूट गई है या पुरानी होकर खराब हो गई है, तो आपको नई प्लेट के लिए दोबारा ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। इसके लिए bookmyhsrp.com पर जाकर "Replacement" का विकल्प चुनें। वहाँ आपको FIR की कॉपी (यदि चोरी हुई है) और टूटी हुई प्लेट की फोटो अपलोड करनी पड़ सकती है। इसके बाद फीस जमा करके नई प्लेट डीलर के पास आ जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन में किसी समस्या, पेमेंट फेलियर, या प्लेट की डिलीवरी का स्टेटस जानने के लिए आप संपर्क कर सकते हैं:
☎️ टोल-फ्री नंबर: 1800-1200-201 (सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक)
✉️ ईमेल (General Enquiry): online@bookmyhsrp.com
✉️ ईमेल (Home Delivery Enquiry): homedelivery@bookmyhsrp.com
अस्वीकरण (Disclaimer): JanSarkari.com एक निजी और स्वतंत्र सूचना पोर्टल है। हम परिवहन विभाग (RTO), MoRTH, या HSRP वेंडर (bookmyhsrp/siam) से संबद्ध नहीं हैं। इस पृष्ठ पर दी गई समस्त जानकारी (जैसे HSRP के फायदे, फीस, और ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया) जन-सुविधा और जागरूकता के लिए इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से संकलित है। HSRP ऑनलाइन बुक करने और भुगतान करने के लिए कृपया केवल भारत सरकार द्वारा अधिकृत वेबसाइट्स (bookmyhsrp.com या siam.in) का ही उपयोग करें।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको यूपी एचएसआरपी पोर्टल (UP HSRP) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।