उत्तर प्रदेश गोपालक योजना (UP Gopalak Yojana) राज्य सरकार के 'पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग' (Animal Husbandry & Dairy Development Dept.) द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत लाभकारी और महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बढ़ती हुई बेरोज़गारी (Unemployment) को दूर करना, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोज़गार (Self-Employment) के अवसर प्रदान करना, और राज्य में दुग्ध उत्पादन (Milk Production) को बढ़ावा देना है।
इस योजना के तहत यदि कोई भी बेरोज़गार युवा या किसान अपना डेयरी फार्म (Dairy Farm) खोलना चाहता है, तो उत्तर प्रदेश सरकार उसे बैंक के माध्यम से ₹9 लाख तक का भारी ऋण (Loan) उपलब्ध कराती है। इस लोन का उपयोग करके लाभार्थी 10 से 20 दुधारू गायों (Cows) या भैंसों (Buffaloes) का पशुपालन कर सकता है और अपना खुद का बिज़नेस शुरू कर सकता है। सबसे ख़ास बात यह है कि इस लोन पर सरकार की ओर से आकर्षक मार्जिन मनी (सब्सिडी) और ब्याज में छूट (Interest Subvention) भी दी जाती है।
गोपालक योजना न केवल किसानों की आय (Farmer's Income) को दोगुनी करने के संकल्प को पूरा करती है, बल्कि यह बाज़ार में शुद्ध दूध (Pure Milk) की मांग को भी पूरा करती है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को कम से कम 5 पशुओं से अपनी डेयरी शुरू करनी होती है, और पशुओं का अच्छी नस्ल (Good Breed) का होना अनिवार्य है।
इस योजना के अंतर्गत 10 से 20 पशुओं की डेयरी खोलने के लिए बैंक द्वारा कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 90% (अधिकतम ₹9 लाख तक) लोन किश्तों (Installments) में प्रदान किया जाता है। आवेदक को अपनी जेब से केवल 10% (मार्जिन मनी) लगाना होता है।
पूरा लोन एक साथ नहीं मिलता। आवेदक को पहले 5 पशु खरीदने होते हैं, जिसके लिए बैंक पहली किश्त जारी करता है। जब ये 5 पशु अच्छी तरह सेट हो जाते हैं, तब अगले 5 पशुओं को खरीदने के लिए बैंक दूसरी किश्त जारी करता है, जिससे जोखिम कम होता है।
गोपालक योजना के तहत खरीदे गए सभी पशुओं (गाय/भैंस) का बीमा (Insurance) कराना अनिवार्य होता है। इससे यदि किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण पशु की मृत्यु हो जाती है, तो किसान को भारी आर्थिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता।
इस योजना से न केवल आवेदक को स्वरोज़गार मिलता है, बल्कि एक डेयरी फार्म खुलने से चारा काटने वाले, दूध ढोने वाले और रख-रखाव करने वाले 3 से 4 अन्य मज़दूरों को भी सीधे तौर पर रोज़गार (Jobs) प्राप्त होता है।
| मानदंड (Criteria) | विवरण (Details) |
|---|---|
| मूल निवासी (Residence) | आवेदक को अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश (UP) का स्थायी निवासी होना चाहिए। |
| आयु और आय सीमा (Age & Income) | आवेदक बेरोज़गार होना चाहिए। साथ ही, आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और उसके परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। |
| ज़मीन (Land for Shed) | आवेदक के पास डेयरी फार्म / पशुओं का शेड (Tinshed) बनाने के लिए पर्याप्त खाली ज़मीन (कम से कम 1.5 से 2 बिस्वा) स्वयं के नाम या पिता के नाम पर होनी चाहिए। |
| पशुओं की संख्या | गोपालक योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को कम से कम 10 पशुओं (गाय/भैंस) की डेयरी लगानी होगी। (शुरुआत 5 पशुओं से की जा सकती है)। |
| आवश्यक दस्तावेज़ (Documents) |
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वर्तमान में गोपालक योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफ़लाइन (Offline) तरीके से पशुपालन विभाग के माध्यम से पूरी की जाती है। कुछ ज़िलों में इसे सरकारी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी किया जा रहा है। आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
सबसे पहले आपको अपने ज़िले के 'मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी' (Chief Veterinary Officer - CVO) के कार्यालय या ब्लॉक के सरकारी पशु अस्पताल (Veterinary Hospital) में जाना होगा। वहाँ जाकर 'गोपालक योजना' का आवेदन फॉर्म (Application Form) प्राप्त करें।
आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारियाँ (नाम, पता, ज़मीन का विवरण, बैंक डिटेल्स) सावधानीपूर्वक भरें। इसके साथ अपना आधार कार्ड, खतौनी, आय प्रमाण पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Project Report - जो बताता है कि आप डेयरी कैसे चलाएंगे) की फोटोकॉपी पिन करें।
पूरा भरा हुआ फॉर्म CVO ऑफिस में जमा कर दें। इसके बाद पशुपालन विभाग के अधिकारी आपके द्वारा दी गई ज़मीन का मुआयना (Physical Verification) करने आएँगे कि क्या सच में आपके पास डेयरी खोलने की जगह है या नहीं।
सत्यापन रिपोर्ट सही पाए जाने पर आपका आवेदन पत्र 'ज़िला स्तरीय चयन समिति' (District Level Committee) के पास भेजा जाएगा। कमेटी से मंज़ूरी (Approval) मिलने के बाद आपकी फाइल आपके द्वारा चुने गए बैंक (Bank) को भेज दी जाएगी।
बैंक आपको लोन सैंक्शन (Sanction) कर देगा। अब आपको अपनी तरफ से 10% मार्जिन मनी जमा करनी होगी। इसके बाद बैंक पहली किश्त (Installment) जारी करेगा जिससे आप 5 दुधारू पशु खरीद सकेंगे (खरीददारी पशु मेला या विभाग की निगरानी में होती है)। कुछ समय बाद दूसरी किश्त मिलेगी जिससे आप बाकि के 5 पशु खरीद सकेंगे।
गोपालक योजना के फॉर्म, लोन की जानकारी, या डेयरी फार्मिंग से जुड़े किसी भी सवाल के लिए संपर्क करें:
🏢 विभागीय कार्यालय: अपने ज़िले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) या विकास भवन में संपर्क करें।
🌐 आधिकारिक वेबसाइट: animalhusb.up.gov.in (नवीनतम अपडेट्स के लिए)
📍 मुख्यालय पता: Directorate of Animal Husbandry, Badshahbagh, Lucknow, Uttar Pradesh.
अस्वीकरण (Disclaimer): JanSarkari.com एक स्वतंत्र सूचना पोर्टल है। हम उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग या किसी भी सरकारी संस्था, बैंक से संबद्ध नहीं हैं। इस पृष्ठ पर दी गई 'गोपालक योजना' की जानकारी, लोन की राशि, ब्याज दरें, और पात्रता मानदंड जन-जागरूकता के लिए इंटरनेट और अख़बारों से संकलित किए गए हैं। योजना के नियमों या मार्जिन मनी में सरकारी बजट के अनुसार बदलाव हो सकता है। आवेदन करने से पहले कृपया अपने ज़िले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) से पूर्ण एवं सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
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JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको यूपी गोपालक योजना से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।