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Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) UP आबकारी (Excise Dept): सम्पूर्ण जानकारी और ऑनलाइन आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व (Revenue) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत 'यूपी आबकारी विभाग' (UP Excise Department) है। राज्य के विकास और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में यह विभाग एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पहले के समय में शराब के ठेकों का आवंटन (Allotment) और लाइसेंस प्राप्त करना एक जटिल प्रक्रिया थी, जिसमें अक्सर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे।

लेकिन, उत्तर प्रदेश सरकार ने अब पूरी आबकारी प्रणाली को 'ई-गवर्नेंस (e-Governance)' के अंतर्गत ला दिया है। अब चाहे किसी को नई शराब की दुकान (Liquor Shop) का टेंडर डालना हो, बार का लाइसेंस (Bar License) लेना हो, या फिर घर पर शराब रखने का परमिट (Home Bar License) बनवाना हो, सभी प्रक्रियाएं upexciseportal.in के माध्यम से पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और ई-लॉटरी (e-Lottery) प्रणाली पर आधारित कर दी गई हैं।

इस विस्तृत लेख में, हम UP Excise Department की कार्यप्रणाली, ई-लॉटरी (e-Lottery) सिस्टम, विभिन्न प्रकार के लाइसेंस (Liquor & Bar License), आवेदन प्रक्रिया, और आबकारी नीतियों (Excise Policies) के बारे में गहराई से चर्चा करेंगे।


1. UP Excise Department (यूपी आबकारी विभाग) क्या है?

UP Excise Department उत्तर प्रदेश सरकार का एक प्रमुख विभाग है, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी। इस विभाग का मुख्य कार्य राज्य में मादक द्रव्यों (Intoxicants), विशेष रूप से शराब (Liquor), बीयर (Beer), भांग (Bhang), और औद्योगिक अल्कोहल (Industrial Alcohol) के उत्पादन, विनिर्माण, परिवहन, आयात, निर्यात और बिक्री को नियंत्रित करना है।

विभाग के प्रमुख उद्देश्य (Key Objectives):

  • राजस्व संग्रह (Revenue Collection): राज्य सरकार के लिए आबकारी करों और शुल्कों (Excise Duties) के माध्यम से अधिकतम राजस्व इकट्ठा करना।
  • अवैध शराब पर रोक (Prevention of Illicit Liquor): जहरीली और अवैध शराब के निर्माण तथा तस्करी (Smuggling) पर रोक लगाना, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा हो सके।
  • पारदर्शिता (Transparency): ई-लॉटरी और ट्रैक एंड ट्रेस (Track & Trace) सिस्टम के माध्यम से ठेकों के आवंटन और शराब की आपूर्ति श्रृंखला को पारदर्शी बनाना।

2. यूपी आबकारी विभाग के विभिन्न लाइसेंस (Types of Licenses)

UP Excise Department विभिन्न प्रकार की दुकानों और संस्थाओं के लिए अलग-अलग श्रेणियों में लाइसेंस जारी करता है:

  1. देसी शराब की दुकान (Country Liquor Shop): राज्य में सबसे ज्यादा लाइसेंस इसी श्रेणी के दिए जाते हैं।
  2. विदेशी शराब की दुकान (Foreign Liquor - FL/IMFL): इसे इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) कहा जाता है। इसमें व्हिस्की, रम, वोदका आदि की दुकानें शामिल हैं।
  3. बीयर की दुकान (Beer Shop): केवल बीयर बेचने के लिए।
  4. भांग की दुकान (Bhang Shop): भांग की खुदरा बिक्री के लिए।
  5. बार लाइसेंस (Bar License): होटल, रेस्टोरेंट, और क्लबों में शराब परोसने के लिए दिया जाने वाला लाइसेंस (FL-4/FL-5)।
  6. मॉडल शॉप (Model Shop): जहाँ लोग विदेशी शराब और बीयर खरीद सकते हैं और वहीं बैठकर पी भी सकते हैं।
  7. होम बार लाइसेंस (Home Bar License): यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जो अपने घर में निर्धारित सीमा से अधिक शराब का स्टॉक रखना चाहते हैं।

3. शराब का ठेका (Liquor Shop) कैसे लें? (e-Lottery System)

पहले ठेकों का आवंटन नीलामी या सिफारिशों से होता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार ने 'ई-लॉटरी (e-Lottery)' प्रणाली लागू कर दी है। कोई भी योग्य नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और कंप्यूटर द्वारा पारदर्शी तरीके से लॉटरी निकाली जाती है।

A. आवेदन के लिए पात्रता (Eligibility for e-Lottery)

  • आवेदक भारत का नागरिक हो और उसकी आयु 21 वर्ष या उससे अधिक हो।
  • आवेदक दिवालिया (Bankrupt) या किसी गंभीर आपराधिक मामले (Criminal Case) में दोषी नहीं होना चाहिए।
  • आवेदक के पास 'चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate)', हैसियत प्रमाण पत्र (Solvency Certificate) और पैन कार्ड (PAN Card) होना अनिवार्य है।
  • आवेदक पर आबकारी विभाग का कोई पुराना बकाया (Dues) नहीं होना चाहिए।

B. आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

  • आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी।
  • नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो।
  • जिलाधिकारी (DM) द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र।
  • तहसीलदार या बैंक द्वारा जारी हैसियत प्रमाण पत्र (Solvency Certificate - दुकान की फीस के अनुसार)।
  • इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कॉपी (यदि मांगी जाए)।

C. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (How to Apply for e-Lottery)

चरण 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं सबसे पहले यूपी आबकारी विभाग के ई-लॉटरी पोर्टल upexciseportal.in या upexcise.in पर जाएं। (टेंडर आमतौर पर फरवरी-मार्च महीने में निकाले जाते हैं)।

चरण 2: रजिस्ट्रेशन (User Registration) "New Registration" लिंक पर क्लिक करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, और पैन नंबर दर्ज करके अपना अकाउंट बनाएं। आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा जिसे वेरीफाई करना होगा।

चरण 3: आवेदन फॉर्म भरें (Fill Application Form)

  • लॉगिन करने के बाद, उस जिले और दुकान (देसी, अंग्रेजी, या बीयर) का चयन करें जिसके लिए आप टेंडर डालना चाहते हैं।
  • अपनी पूरी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी फॉर्म में भरें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों (चरित्र प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाण पत्र आदि) की स्कैन कॉपी पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में अपलोड करें।

चरण 4: फीस का भुगतान (Fee Payment)

  • प्रोसेसिंग फीस (Processing Fee): यह एक नॉन-रिफंडेबल फीस होती है (दुकान के प्रकार के अनुसार ₹20,000 से ₹40,000 के बीच)।
  • धरोहर राशि (Earnest Money Deposit - EMD): यह एक सिक्यूरिटी राशि होती है (जो लॉटरी न निकलने पर वापस कर दी जाती है)।
  • इन दोनों का भुगतान राजकोष (Rajkosh) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करें।

चरण 5: ई-लॉटरी का ड्रा (e-Lottery Draw) आवेदन की अंतिम तिथि के बाद, जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में एक समिति द्वारा NIC के सॉफ्टवेयर का उपयोग करके कंप्यूटर द्वारा रैंडम (Random) लॉटरी निकाली जाती है। यदि आपका नाम लॉटरी में आ जाता है, तो आपको निर्धारित समय के भीतर लाइसेंस फीस (License Fee) का भुगतान करना होता है, जिसके बाद आपको ठेके का आवंटन पत्र (Allotment Letter) मिल जाता है।


4. बार लाइसेंस (Bar License for Hotel/Restaurant)

यदि आपका कोई होटल (Hotel), रेस्टोरेंट (Restaurant) या क्लब है और आप वहां ग्राहकों को शराब परोसना चाहते हैं, तो आपको FL-4 / FL-5 Bar License प्राप्त करना होगा।

  • आवेदन प्रक्रिया: बार लाइसेंस के लिए 'निवेश मित्र' (Nivesh Mitra) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
  • आवश्यक शर्तें: होटल या रेस्टोरेंट एक व्यावसायिक क्षेत्र (Commercial Area) में होना चाहिए। शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों, और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) से एक निर्धारित दूरी (सामान्यतः 50 से 100 मीटर) होना अनिवार्य है।
  • निरीक्षण: आवेदन के बाद आबकारी अधिकारी (Excise Officer), पुलिस, और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त निरीक्षण (Joint Inspection) किया जाता है। सब कुछ सही होने पर ही लाइसेंस जारी किया जाता है।

5. होम बार लाइसेंस (Home Bar License UP)

उत्तर प्रदेश आबकारी नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपने घर में बिना लाइसेंस के केवल एक निर्धारित मात्रा (कुछ बोतलें) तक ही शराब रख सकता है। यदि आप घर पर बड़ी पार्टी करते हैं या आपको महंगी शराब का कलेक्शन रखने का शौक है, तो आपको 'पर्सनल बार लाइसेंस' (Personal Home Bar License) बनवाना अनिवार्य है, अन्यथा आबकारी विभाग द्वारा छापा मारे जाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • फीस: होम बार लाइसेंस बनवाने के लिए सरकार ने एक वार्षिक फीस (सामान्यतः ₹12,000 प्रति वर्ष) और सिक्यूरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) निर्धारित की है।
  • मात्रा: इस लाइसेंस के तहत आप अपने घर में अधिकतम 72 बोतलें (अलग-अलग ब्रांड और प्रकार की) तक रख सकते हैं।
  • आवेदन: इसके लिए आप जिले के जिला आबकारी अधिकारी (DEO - District Excise Officer) के कार्यालय में या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

6. Track & Trace System (शराब की सत्यता की जांच)

अवैध और जहरीली शराब पर रोक लगाने के लिए UP Excise Department ने एक अत्यधिक उन्नत "ट्रैक एंड ट्रेस" (Track & Trace System) प्रणाली लागू की है।

अब उत्तर प्रदेश में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर एक विशेष बारकोड (Barcode) और होलोग्राम (Hologram) लगा होता है।

  • UPExcise Scanner App: नागरिक अपने मोबाइल में Google Play Store से 'UPExcise Scanner' ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
  • बोतल खरीदने के बाद उस पर लगे बारकोड को स्कैन करें।
  • स्कैन करते ही ऐप बता देगा कि वह शराब असली (Genuine) है या नकली, उसका निर्माण कब और किस डिस्टलरी (Distillery) में हुआ है। यदि विवरण मेल नहीं खाता है, तो आप उसी ऐप के माध्यम से तुरंत आबकारी विभाग को शिकायत (Complaint) भेज सकते हैं।

7. विभाग द्वारा लागू किए गए अन्य महत्वपूर्ण नियम

  • समय सीमा (Timings): उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानें सुबह 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ही खोली जा सकती हैं। (कुछ मॉडल शॉप्स या बार का समय अलग हो सकता है)।
  • ड्राई डेज (Dry Days): स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गांधी जयंती (2 अक्टूबर), चुनाव के दिनों (Voting Days), और प्रमुख धार्मिक त्योहारों पर शराब की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित होती है।
  • उम्र सीमा (Legal Age): उत्तर प्रदेश में शराब खरीदने और पीने की न्यूनतम कानूनी उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है। 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को शराब बेचना दंडनीय अपराध है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. ई-लॉटरी (e-Lottery) के लिए नोटिफिकेशन कब जारी होता है? Ans: यूपी आबकारी विभाग आमतौर पर हर साल फरवरी से मार्च के महीने में अगले वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए ई-लॉटरी का नोटिफिकेशन (Tender Notice) जारी करता है। इसे अखबारों और वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

Q2. यदि मेरा नाम ई-लॉटरी में नहीं निकलता है, तो क्या मेरी फीस वापस (Refund) मिलेगी? Ans: आवेदन करते समय दी गई 'प्रोसेसिंग फीस' (Processing Fee) नॉन-रिफंडेबल होती है (वह वापस नहीं मिलती)। लेकिन जो 'धरोहर राशि' (EMD) आपने जमा की है, वह लॉटरी न निकलने की स्थिति में आपके बैंक खाते में वापस (Refund) कर दी जाती है।

Q3. क्या महिलाएं भी शराब के ठेके के लिए आवेदन कर सकती हैं? Ans: जी हाँ, ई-लॉटरी प्रणाली पूरी तरह से निष्पक्ष है। कोई भी महिला जो 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी है और सभी पात्रता शर्तें पूरी करती है, वह ऑनलाइन आवेदन कर सकती है।

Q4. अवैध शराब की बिक्री की शिकायत कहाँ करें? Ans: यदि आपके आस-पास कोई अवैध शराब बेच रहा है, तो आप विभाग के टोल-फ्री नंबर 14405 पर कॉल करके या 'UPExcise Scanner App' के माध्यम से गुप्त रूप से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Q5. क्या मैं दूसरे राज्य (जैसे दिल्ली या हरियाणा) से शराब खरीदकर यूपी ला सकता हूँ? Ans: यूपी आबकारी अधिनियम के तहत, दूसरे राज्यों से भारी मात्रा में शराब लाकर उत्तर प्रदेश में रखना या बेचना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए बहुत ही सीमित मात्रा की अनुमति होती है।


[!WARNING] Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख केवल आम नागरिकों की सूचना, कानूनी जागरूकता और शैक्षणिक मार्गदर्शन के उद्देश्य से लिखा गया है। JanSarkari.com किसी भी प्रकार से उत्तर प्रदेश सरकार या 'यूपी आबकारी विभाग (UP Excise Department)' से संबद्ध नहीं है। हमने यह जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों (upexciseportal.in) और सार्वजनिक डोमेन से प्राप्त की है। आबकारी नीतियों (Excise Policies), लाइसेंस फीस, ई-लॉटरी के नियमों, या कानूनी उम्र सीमा में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधन किए जा सकते हैं। किसी भी प्रकार के टेंडर में भाग लेने, लाइसेंस फीस जमा करने या नया बार खोलने से पहले कृपया हमेशा आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करें और संबंधित जिला आबकारी अधिकारी (DEO) से संपर्क करें। शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। किसी भी प्रकार की कानूनी, तकनीकी या वित्तीय हानि के लिए यह वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।

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