उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग (Revenue Department) ने कृषि और जमीन से जुड़े आँकड़ों को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ई-खसरा पड़ताल (e-Khasra Partal UP) की शुरुआत की है। पहले लेखपाल (Lekhpal) कागजों पर खेतों में बोई गई फसलों का विवरण (Crop Survey) दर्ज करते थे, जिसे "फसल पड़ताल" कहा जाता था। अब इस पूरी प्रक्रिया को 'e-Khasra App' के माध्यम से डिजिटल (Online) कर दिया गया है।
UP e-Khasra Partal के तहत, राजस्व विभाग के कर्मचारी (लेखपाल) खुद खेत पर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए GPS जियो-टैगिंग (Geo-tagging) करते हैं, फसल की फोटो खींचते हैं और फसल का पूरा विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इस डिजिटल रिकॉर्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब फसल के नुकसान (Crop Damage) या प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को मुआवजा (Compensation) और फसल बीमा (Crop Insurance) का लाभ तेजी से और बिना किसी गड़बड़ी के मिल सकेगा।
इस लेख में हम आपको बताएँगे कि ई-खसरा पड़ताल (e-Khasra UP) क्या है, इसके क्या फायदे हैं, फसल पड़ताल की तिथियाँ (Dates) क्या हैं, और एक किसान के रूप में आप ऑनलाइन अपनी फसल का खसरा रिकॉर्ड (UP Bhulekh e-Khasra) कैसे चेक कर सकते हैं।
GPS लोकेशन और लाइव फोटो (Live Photo) के कारण अब कोई भी घर बैठे फर्जी फसल दर्ज नहीं कर सकता। जो फसल खेत में बोई गई है, वही सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होगी।
बाढ़, सूखा या ओलावृष्टि (Hailstorm) से फसल खराब होने पर सरकार के पास पहले से ही डिजिटल रिकॉर्ड होगा कि किस खेत में कौन सी फसल थी, जिससे मुआवजा जल्दी मिलेगा।
सरकारी क्रय केंद्रों (Purchase Centers) पर गेहूं या धान बेचते समय ई-खसरा डेटा का मिलान किया जाता है, जिससे असली किसानों को उनकी उपज का सही दाम (MSP) मिलता है।
अब किसानों को लेखपाल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। किसान अपने खेत का खसरा और दर्ज फसल का विवरण UP Bhulekh पोर्टल पर ऑनलाइन देख सकते हैं।
राजस्व नियमावली के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लेखपाल द्वारा वर्ष में तीन बार (Three times a year) खेतों पर जाकर फसल पड़ताल (Crop Survey) की जाती है:
| फसल का मौसम (Season) | पड़ताल शुरू होने की तिथि | पड़ताल समाप्त होने की तिथि |
|---|---|---|
| खरीफ की पड़ताल (Kharif) | 10 अगस्त | 25 सितम्बर |
| रबी की पड़ताल (Rabi) | 1 जनवरी | 15 फरवरी |
| जायद की पड़ताल (Zaid) | 1 मई | 31 मई |
*नोट: सरकार द्वारा मौसम या विशेष परिस्थितियों के अनुसार इन तिथियों (Dates) में परिवर्तन किया जा सकता है।*
यद्यपि e-Khasra Partal App केवल राजस्व अधिकारियों (लेखपालों) के लिए है, लेकिन एक किसान के रूप में आप यह चेक कर सकते हैं कि आपके खेत (खसरा/गाटा संख्या) में कौन सी फसल दर्ज की गई है। इसके लिए आप UP Bhulekh पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं:
लेखपालों के लिए राजस्व विभाग ने e-Khasra Partal Portal (ekhasra.up.gov.in) और मोबाइल ऐप जारी किया है। लेखपाल इस ऐप में अपनी आधिकारिक यूजर आईडी (User ID) और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन (Login) करते हैं। ऐप में उनके आवंटित गाँव का नक्शा और सभी खसरा नंबर पहले से फीड होते हैं। खेत की परिधि में (50 मीटर के दायरे में) जाकर ही ऐप के माध्यम से फसल की फोटो क्लिक की जा सकती है।
यह वेबपेज केवल सामान्य जानकारी और किसानों की जागरूकता (Informational Purposes) के लिए तैयार किया गया है। Jansarkari.com उत्तर प्रदेश सरकार या राजस्व परिषद (Board of Revenue UP) की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। कृपया अपने खतौनी और खसरे के आधिकारिक और कानूनी उपयोग (Legal Use) के लिए राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल upbhulekh.gov.in या ekhasra.up.gov.in का ही उपयोग करें।
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