उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग (Agriculture Department, UP) ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा और बिना किसी भ्रष्टाचार के पहुँचाने के लिए यूपी डीबीटी कृषि पोर्टल (UP DBT Agriculture Portal) की शुरुआत की है। DBT का पूरा नाम 'Direct Benefit Transfer' (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) है, जिसका मतलब है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली कोई भी आर्थिक सहायता (Subsidy) या अनुदान सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
पहले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, और बिचौलिए उनका पैसा खा जाते थे। लेकिन अब upagriculture.com पोर्टल के माध्यम से राज्य का कोई भी किसान घर बैठे किसान पंजीकरण (Kisan Registration) कर सकता है, कृषि यंत्रों पर अनुदान (Subsidy on Agricultural Equipments) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और 'पीएम किसान सम्मान निधि' का स्टेटस चेक कर सकता है।
इस लेख में हम आपको बताएँगे कि UP Agriculture DBT Portal पर कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, किसान पंजीकरण कैसे करें, और कृषि यंत्रों (जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर) के लिए ऑनलाइन टोकन (Token Booking) कैसे जनरेट करें।
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए किसान का इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। यहाँ से नया पंजीकरण किया जा सकता है।
ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर, या सोलर पंप (PM Kusum) जैसे महंगे कृषि यंत्र खरीदने के लिए सरकार 50% से 80% तक की सब्सिडी देती है। इसका ऑनलाइन टोकन यहीं से कटता है।
केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि (सालाना ₹6000) का स्टेटस, बैंक खाते की स्थिति और आवेदन में सुधार का कार्य भी इस पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।
किसानों को प्रमाणित बीज (Certified Seeds), खाद और कीटनाशक खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में इसी पोर्टल के डेटाबेस के ज़रिए भेजी जाती है।
UP Agriculture DBT पोर्टल पर नया पंजीकरण करने या किसी योजना का फॉर्म भरने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ ज़रूरी हैं:
| दस्तावेज़ (Document) | विवरण / शर्तें (Description) |
|---|---|
| 1. आधार कार्ड (Aadhaar Card) | मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए (OTP वेरिफिकेशन के लिए)। |
| 2. खसरा खतौनी (Khatauni) | खेत का विवरण और किसान का ज़मीन पर मालिकाना हक (Land Record)। |
| 3. बैंक पासबुक (Bank Passbook) | बैंक खाता 'आधार (Aadhaar) और NPCI से लिंक' होना चाहिए (DBT चालू हो)। |
| 4. चालू मोबाइल नंबर | पोर्टल पर लॉगिन और टोकन SMS प्राप्त करने के लिए। |
* ध्यान दें: यदि आपका बैंक खाता NPCI (National Payments Corporation of India) से मैप (Map) नहीं है, तो आपकी सब्सिडी (DBT) का पैसा खाते में नहीं आएगा।
जब सरकार कृषि यंत्रों (जैसे सोलर पंप, रोटावेटर) पर सब्सिडी की घोषणा करती है, तो पोर्टल पर टोकन जनरेट करने का लिंक एक्टिवेट हो जाता है। यह प्रक्रिया "पहले आओ, पहले पाओ" (First Come, First Serve) के आधार पर होती है।
यह वेबपेज केवल किसानों की मदद और सामान्य जानकारी (Informational Purposes) के लिए तैयार किया गया है। Jansarkari.com उत्तर प्रदेश सरकार या कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। कृषि यंत्रों पर अनुदान, टोकन बुकिंग की तिथियां, और योजनाओं की पात्रता समय-समय पर सरकार द्वारा बदल सकती हैं। किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले कृपया विभागीय वेबसाइट upagriculture.com पर जाकर जानकारी को स्वयं वेरिफाई करें।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको यूपी डीबीटी कृषि पोर्टल से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।