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Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS): सम्पूर्ण जानकारी और ऑनलाइन आवेदन

📱 इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing)

Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS) क्या है?

भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब (Global Electronics Hub) बनाने और 'मेक इन इंडिया' (Make in India) को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने Production Linked Incentive (PLI) Scheme for Large Scale Electronics Manufacturing के तहत Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS) की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू निर्माण को प्रोत्साहन देना है।

इस योजना के तहत, भारत सरकार उन देशी और विदेशी कंपनियों को भारी वित्तीय प्रोत्साहन (Financial Incentives) और सब्सिडी प्रदान कर रही है जो भारत में मोबाइल फोन और उनके पुर्जों (Components) का निर्माण कर रहे हैं। इस स्कीम ने Apple, Samsung जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों के साथ-साथ घरेलू कंपनियों को भी भारत में प्लांट लगाने के लिए आकर्षित किया है।

🎯 योजना के प्रमुख उद्देश्य

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वैश्विक निर्यात हब

भारत को केवल उपभोक्ता बाजार के बजाय मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों का वैश्विक निर्यात हब (Global Export Hub) बनाना।

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लाखों रोजगार सृजन

देश के युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार (Employment) पैदा करना।

📉

आयात पर निर्भरता कम करना

चीन और अन्य देशों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आयात (Import) को कम करके विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करना।

💸 सब्सिडी और प्रोत्साहन (Incentives and Subsidy)

योजना के तहत, सरकार कंपनियों को उनके इंक्रीमेंटल सेल्स (बेस ईयर के ऊपर हुई अतिरिक्त बिक्री) पर सीधे कैश इंसेंटिव देती है:

वर्ष (Year) ग्लोबल कंपनियों के लिए प्रोत्साहन घरेलू कंपनियों के लिए प्रोत्साहन
पहला और दूसरा वर्ष 6% इंसेंटिव 6% इंसेंटिव
तीसरा और चौथा वर्ष 5% इंसेंटिव 5% इंसेंटिव
पांचवा वर्ष 4% इंसेंटिव 4% इंसेंटिव

* नोट: ये प्रोत्साहन केवल उन कंपनियों को मिलते हैं जो निवेश और अतिरिक्त बिक्री के निर्धारित लक्ष्यों (Investment and Incremental Sales Thresholds) को पूरा करती हैं।

📋 पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

  • टारगेट सेगमेंट (Target Segment): योजना मुख्य रूप से मोबाइल फोन और स्पेसिफाइड इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स (जैसे- Printed Circuit Boards, Camera Modules, Touch Panels) बनाने वाली कंपनियों के लिए है।
  • विदेशी कंपनियों के लिए: ग्लोबल कंपनियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए 15,000 रुपये या उससे अधिक मूल्य (Invoice Value) के मोबाइल फोन का निर्माण करना अनिवार्य है।
  • घरेलू कंपनियों के लिए: भारतीय घरेलू कंपनियों के लिए फोन की कीमत को लेकर ऐसी कोई न्यूनतम सीमा तय नहीं की गई है, ताकि वे बजट स्मार्टफोन सेगमेंट में भी अपनी पकड़ बना सकें।
  • न्यूनतम निवेश (Minimum Investment): कंपनियों को ग्रीनफील्ड (नए प्लांट) या ब्राउनफील्ड (विस्तार) परियोजनाओं में एक निश्चित सीमा तक हर साल नया निवेश करना होता है।

⚠️ महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह वेबसाइट इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) या भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। यह लेख केवल Mobile Phone Manufacturing Scheme (PLI for Electronics) से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में समझाने के लिए लिखा गया है। योजना के विस्तृत दिशा-निर्देशों, संशोधनों और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए कृपया MeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) की आधिकारिक वेबसाइट (meity.gov.in) पर ही जाएं।

क्या आपको मदद चाहिए?

JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।